एनएसई का अपना आईपीओ 5.71 गुना भरा; शेयर एनएसई पर नहीं, बीएसई पर लिस्ट होंगे
एक्सचेंज के ₹22,562 करोड़ के ऑफ़र फ़ॉर सेल में 8.86 करोड़ शेयरों के मुक़ाबले 50.58 करोड़ शेयरों की बोलियाँ आईं। कोई एक्सचेंज अपने शेयर खुद पर लिस्ट नहीं कर सकता, इसलिए एनएसई का स्टॉक प्रतिद्वंद्वी बीएसई पर शुरू होने वाला है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड का अपना इनिशियल पब्लिक ऑफ़रिंग, जो पूरी तरह मौजूदा शेयरधारकों की ओर से ऑफ़र फ़ॉर सेल है, 21 सितंबर 2026 को बंद हुआ। एक्सचेंज के बोली-आँकड़ों के हवाले से आई ख़बरों के मुताबिक़ इसमें 8,86,42,911 शेयरों के ऑफ़र के मुक़ाबले 50,58,11,384 शेयरों की बोलियाँ आईं, यानी कुल मिलाकर 5.71 गुना अभिदान। शेयरों को 24 सितंबर 2026 को एनएसई पर नहीं, बल्कि बीएसई पर लिस्ट होना था।
एनएसई बीएसई पर क्यों लिस्ट हो रहा है
कोई एक्सचेंज अपने शेयर खुद पर लिस्ट और ट्रेड नहीं कर सकता, इसलिए एनएसई का स्टॉक उसके प्रतिद्वंद्वी बीएसई पर लिस्ट हो रहा है। इसका उल्टा 2017 में हुआ था, जब बीएसई एनएसई पर लिस्ट हुआ था। एनएसई के शेयरों को 24 सितंबर 2026 से मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (एमएसईआई) पर भी ‘ट्रेड की अनुमति’ श्रेणी में कारोबार के लिए शामिल किया गया, जिसमें पूरा लिस्टिंग समझौता शामिल नहीं होता।
निवेशक श्रेणी के अनुसार अभिदान
| श्रेणी | अभिदान |
|---|---|
| क्वालिफ़ाइड इंस्टीट्यूशनल बायर (क्यूआईबी) | 12.68x |
| गैर-संस्थागत निवेशक (एनआईआई) | 6.55x |
| खुदरा व्यक्तिगत निवेशक (आरआईआई) | 1.39x |
| कुल | 5.71x |
इश्यू की बनावट
- प्रकार: सिर्फ़ ऑफ़र फ़ॉर सेल (ओएफएस): मौजूदा शेयरधारकों द्वारा बेचे गए 12.64 करोड़ शेयर। एनएसई को खुद इस इश्यू से कोई रकम नहीं मिलती।
- प्राइस बैंड: ₹1,700–₹1,785 प्रति शेयर।
- इश्यू का आकार: बैंड के ऊपरी सिरे पर लगभग ₹22,562 करोड़।
- विक्रेता: 20 संस्थागत शेयरधारकों का एक समूह (नौ विदेशी, ग्यारह घरेलू), जिनमें भारतीय स्टेट बैंक और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के धारक शामिल हैं, ने आईपीओ से पहले की कुल 36.82% हिस्सेदारी में से एक्सचेंज के 5.11% के बराबर शेयर बिक्री के लिए दिए।
- लिस्टिंग: बीएसई पर, 24 सितंबर 2026 को।
इन आँकड़ों का आधार
आँकड़े 21 सितंबर 2026 को ऑफ़र बंद होने के बाद एक्सचेंज द्वारा प्रकाशित बोली-आँकड़ों का हवाला देने वाली ख़बरों से लिए गए हैं। यह लेख सिर्फ़ इश्यू की बनावट और अभिदान के आँकड़े बताता है; इसमें लिस्टिंग से पहले की अनौपचारिक कीमतों की चर्चा या इस पर कोई राय नहीं है कि शेयरों के लिए आवेदन करना या उन्हें रखना चाहिए या नहीं।

