सेबी बोर्ड ने नए पोर्टफोलियो मैनेजर्स रेगुलेशंस को मंज़ूरी दी, नियमावली 70 से घटकर 33 पेज की
24 सितंबर 2026 की बैठक में सेबी बोर्ड ने पोर्टफोलियो मैनेजर्स रेगुलेशंस, 2026 और सेटलमेंट ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेटिव एंड सिविल प्रोसीडिंग्स रेगुलेशंस, 2026 को मंज़ूरी दी, जो 2020 और 2018 के संस्करणों की जगह लेंगे।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के बोर्ड ने 24 सितंबर 2026 की अपनी बैठक में नियमों के दो नए सेट को मंज़ूरी दी, नियामक की प्रेस विज्ञप्ति (PR संख्या 59/2026) और बैठक की ख़बरों के अनुसार। पोर्टफोलियो मैनेजर्स रेगुलेशंस, 2026 वर्ष 2020 के नियमों की जगह लेंगे, और सेटलमेंट ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेटिव एंड सिविल प्रोसीडिंग्स रेगुलेशंस, 2026 वर्ष 2018 के नियमों की जगह लेंगे।
पोर्टफोलियो मैनेजर्स रेगुलेशंस, 2026
प्रेस विज्ञप्ति नए पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज़ (पीएमएस) ढाँचे में ये प्रावधान बताती है:
| मद | प्रावधान |
|---|---|
| नियमों की लंबाई | 70 पेज घटकर 33 (53% छोटी) |
| प्रोविज़ो | 47 से घटकर 4 |
| अनलिस्टेड डेट (डिस्क्रेशनरी पीएमएस) | क्लाइंट की प्रबंधनाधीन संपत्तियों (एयूएम) के 10% तक, निवेश-श्रेणी की नॉन-कन्वर्टिबल प्रतिभूतियाँ, क्लाइंट की सहमति से |
| एक्सचेंज-ट्रेडेड डेरिवेटिव्स | क्लाइंट एयूएम का 1.25 गुना तक |
| म्यूचुअल फ़ंड रूट (पीआरआईएम) | न्यूनतम टिकट ₹25 लाख; तयशुदा फ़ीस क्लाइंट एयूएम के 1% तक सीमित |
| प्रिंसिपल ऑफ़िसर | स्नातक पात्र होंगे |
| डीलिंग रूम | ₹100 करोड़ से कम एयूएम वाले पोर्टफोलियो मैनेजरों के लिए ज़रूरी नहीं |
पोर्टफोलियो मैनेजर इनिशियल पब्लिक ऑफ़रिंग और डेट के प्राइमरी इश्यू में भी निवेश कर सकते हैं। विदेशी प्रतिभूतियों में निवेश, जिनमें लिस्टेड इक्विटी और डेट, आरईआईटी, विदेशी म्यूचुअल फ़ंड, ईटीएफ, इंडेक्स फ़ंड और विदेशी सरकारी डेट शामिल हैं, फेमा और आरबीआई की लिबरलाइज़्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के अधीन अनुमत है।
सेटलमेंट रेगुलेशंस, 2026
बोर्ड ने सेटलमेंट राशि के लिए एक फ़ॉर्मूला मंज़ूर किया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह उल्लंघन के लिए निर्धारित न्यूनतम जुर्माने पर आधारित है, और कार्यवाही का चरण, नियामकीय कार्रवाई, गंभीरता तथा बढ़ाने और घटाने वाले कारक भी गणना में शामिल होते हैं। कारण बताओ नोटिस जारी करने से पहले सेबी एक सेटलमेंट नोटिस जारी करेगा, जिसमें सेटलमेंट आवेदन दाखिल करने के लिए 60 दिन दिए जाएँगे। कारण बताओ नोटिस के बाद आवेदन दाखिल करने की अवधि 60 दिन से बढ़ाकर 90 दिन की गई है।
नियम कब लागू होंगे
सेटलमेंट रेगुलेशंस, 2026 अधिसूचित होने की तारीख़ से 30वें दिन के अगले दिन लागू होंगे। प्रेस विज्ञप्ति में पोर्टफोलियो मैनेजर्स रेगुलेशंस, 2026 के लागू होने की कोई तारीख़ नहीं दी गई है।
इन आँकड़ों का आधार
फ़ैसले वही हैं जो सेबी ने 24 सितंबर 2026 की बोर्ड बैठक के बाद घोषित किए। पूरे पाठ के लिए सेबी की प्रेस विज्ञप्ति पढ़ें। ऊपर के आँकड़े उसी विज्ञप्ति से हैं और इन्हें बिज़नेस टुडे तथा आउटलुक मनी ने भी रिपोर्ट किया। यह लेख सिर्फ़ फ़ैसले बताता है और उनका आकलन नहीं करता।

