आरबीआई ने राज्य सरकारों को वेज़ एंड मीन्स एडवांस पर सलाहकार समिति की रिपोर्ट जारी की
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 29 सितंबर 2026 को राज्य सरकारों को वेज़ एंड मीन्स एडवांस पर अपनी सलाहकार समिति की रिपोर्ट जारी की, जिसके अध्यक्ष आई एस एन प्रसाद थे। रिपोर्टों के अनुसार यह ऊँची कुल सीमा और छोटी ओवरड्राफ़्ट अवधि सुझाती है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 29 सितंबर 2026 को राज्य सरकारों को वेज़ एंड मीन्स एडवांस (डब्ल्यूएमए) पर अपनी सलाहकार समिति की रिपोर्ट जारी की। समिति के अध्यक्ष आई एस एन प्रसाद थे, जो कर्नाटक सरकार के पूर्व अपर मुख्य सचिव हैं। डब्ल्यूएमए वह अल्पकालिक क़र्ज़ है जो आरबीआई राज्य सरकारों को उनकी प्राप्तियों और भुगतानों के बीच अस्थायी अंतर पाटने के लिए देता है।
आरबीआई ने क्या कहा
आरबीआई की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, समिति को राज्यों के लिए उपलब्ध राज्य-वार डब्ल्यूएमए सीमाओं और अन्य वित्तीय सुविधाओं की समीक्षा करने को कहा गया था। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार समिति ने कई सिफ़ारिशें की हैं, जिन पर आरबीआई विचार करेगा। ये सिफ़ारिशें अभी आरबीआई के फ़ैसले नहीं हैं। प्रेस विज्ञप्ति में खुद कोई आँकड़े नहीं दिए गए हैं।
रिपोर्ट में क्या सिफ़ारिश किए जाने की ख़बर है
इस लेख के लिए आरबीआई की रिपोर्ट की फ़ाइल नहीं खोली जा सकी। नीचे के बिंदु रिपोर्ट के बारे में समाचार रिपोर्टों से लिए गए हैं, और आँकड़ों को रिपोर्ट से सीधे मिलाकर जाँचा नहीं गया है।
- ऊँची कुल सीमा। समिति ने कथित तौर पर राज्यों के लिए कुल डब्ल्यूएमए सीमा ₹61,008 करोड़ से बढ़ाकर ₹67,839 करोड़ करने का सुझाव दिया है, यानी 11.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
- छोटी ओवरड्राफ़्ट अवधि। रिपोर्टों के अनुसार, कोई राज्य लगातार जितने कार्य-दिवस ओवरड्राफ़्ट में रह सकता है, वह अधिकतम संख्या 14 से घटकर 10 हो जाएगी। रिपोर्टें इसका उद्देश्य अनुशासन को बढ़ावा देना और तरलता की ज़रूरतों का बेहतर आकलन बताती हैं।
- साल भर में उधारी का फैलाव। पैनल ने कथित तौर पर राज्यों से बाज़ार उधारी को आख़िरी तिमाही में केंद्रित करने के बजाय साल भर में ज़्यादा समान रूप से फैलाने को कहा है।
मुख्य तथ्य
| मद | विवरण |
|---|---|
| रिपोर्ट | राज्य सरकारों को वेज़ एंड मीन्स एडवांस पर सलाहकार समिति की रिपोर्ट |
| जारीकर्ता | भारतीय रिज़र्व बैंक |
| जारी होने की तारीख़ | 29 सितंबर 2026 |
| अध्यक्ष | आई एस एन प्रसाद |
| कुल सीमा (रिपोर्टों के अनुसार) | अभी ₹61,008 करोड़; सुझाई गई ₹67,839 करोड़ |
| लगातार ओवरड्राफ़्ट दिन (रिपोर्टों के अनुसार) | अभी 14; सुझाए गए 10 |
| स्थिति | सिफ़ारिशों पर आरबीआई विचार करेगा |
इन आँकड़ों का आधार
रिपोर्ट के जारी होने की तारीख़, समिति के अध्यक्ष और उसके कार्यक्षेत्र, और इस कथन का कि आरबीआई सिफ़ारिशों पर विचार करेगा, आधार आरबीआई की 29 सितंबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति और रिपोर्ट का प्रकाशन पृष्ठ हैं। ऊपर के खंड में दिए गए आँकड़े और सिफ़ारिशें Reuters, Bhasha via ThePrint Hindi और IndexBox की समाचार रिपोर्टों से लिए गए हैं। पूरे पाठ के लिए आरबीआई की रिपोर्ट पढ़ें।

